माँ चिंतपूर्णी देवी मंदिर, ऊना का विकास - एक ऐतिहासिक पहल, जाने हमारे साथ
माँ चिंतपूर्णी देवी मंदिर, ऊना का विकास - एक ऐतिहासिक पहल, जाने हमारे साथ

माँ चिंतपूर्णी देवी मंदिर, ऊना का विकास – एक ऐतिहासिक पहल, जाने हमारे साथ

माँ चिंतपूर्णी देवी मंदिर, ऊना का विकास – एक ऐतिहासिक पहल, जाने हमारे साथ

परिचय माँ चिंतपूर्णी देवी मंदिर, हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में स्थित एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। यह मंदिर शक्ति पीठों में से एक माना जाता है, जहाँ देशभर से लाखों श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएँ पूरी करने के लिए आते हैं। भारत सरकार ने मंदिर और इसके आसपास की सुविधाओं के उन्नयन के लिए ‘PRASHAD’ योजना के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण परियोजना को स्वीकृति दी है। इस योजना के अंतर्गत मंदिर परिसर में विभिन्न विकास कार्य किए जाएंगे, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएँ प्राप्त होंगी।

परियोजना का उद्देश्य परियोजना का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाएँ प्रदान करना, मंदिर परिसर को सुंदर एवं सुव्यवस्थित बनाना और स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है। यह परियोजना केंद्र सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा अनुमोदित की गई है और इसमें हिमाचल प्रदेश सरकार की भी भागीदारी होगी।

परियोजना की स्वीकृत लागत भारत सरकार ने इस परियोजना के लिए ₹56.26 करोड़ (₹5626.29 लाख) की राशि स्वीकृत की है। इस राशि में परामर्श शुल्क, आकस्मिक व्यय, और अन्य प्रशासनिक खर्च भी शामिल हैं। यह परियोजना ‘Central Sanctioning and Monitoring Committee’ (CSMC) द्वारा 5 मार्च 2025 को आयोजित बैठक में अनुमोदित की गई थी।

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माँ चिंतपूर्णी देवी मंदिर, ऊना का विकास – एक ऐतिहासिक पहल, जाने हमारे साथ

परियोजना के अंतर्गत किए जाने वाले कार्य इस परियोजना में मंदिर एवं उसके आस-पास के क्षेत्र में विभिन्न महत्वपूर्ण सुविधाएँ विकसित की जाएंगी। इसमें निम्नलिखित कार्य सम्मिलित हैं:

1. क्यू-कॉम्प्लेक्स (Q-Complex) का निर्माण

यह आधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा और श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए सुव्यवस्थित कतार में खड़ा होने की सुविधा प्रदान करेगा।

9,858 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में फैला यह कॉम्प्लेक्स ₹4107.02 लाख की लागत से बनेगा।

2. मंदिर स्तर पर ढका हुआ पथ (Covered Pathway at Temple Level)

470 वर्ग मीटर के इस पथ का निर्माण ₹101.17 लाख की लागत से किया जाएगा।

3. प्लास्टिक कचरे के पुनर्चक्रण हेतु पेट बोतल फ्लेकिंग मशीन

मंदिर क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने हेतु 5 मशीनें लगाई जाएंगी जिनकी कुल लागत ₹8.42 लाख होगी।

4. आर.ओ. प्लांट और पीने के पानी की सुविधा

एक आर.ओ. प्लांट की स्थापना की जाएगी, जिसकी अनुमानित लागत ₹21.10 लाख होगी।

5. ठोस कचरा प्रबंधन प्रणाली

मंदिर परिसर में कूड़ेदानों की व्यवस्था की जाएगी, जिसकी कुल लागत ₹2.21 लाख होगी।

6. सूचनात्मक इंडोर साइनबोर्ड्स

9,858 वर्ग मीटर में फैले इन साइनबोर्ड्स की लागत ₹1.84 लाख होगी।

7. एलईडी फेसाड इलुमिनेशन (Façade Illumination)

मंदिर के बाहरी हिस्से को भव्य रूप से प्रकाशित करने हेतु एलईडी रोशनी लगाई जाएगी, जिसकी लागत ₹211.8 लाख होगी।

8. परिसर के चारों ओर एलईडी लाइटिंग

24 आधुनिक एलईडी लाइटें स्थापित की जाएंगी, जिनकी लागत ₹67.70 लाख होगी।

9. धार्मिक सामग्री प्रबंधन (Havan Samagri Management)

मंदिर में पूजन सामग्री के सही उपयोग और पुनर्चक्रण की व्यवस्था के लिए एक विशेष योजना बनाई जाएगी, जिसकी लागत ₹31.82 लाख होगी।

10. परिसर में दिशा-निर्देश साइनबोर्ड्स

मंदिर क्षेत्र में सूचना संकेतकों की स्थापना की जाएगी जिससे आगंतुकों को मार्गदर्शन मिलेगा। इस पर ₹36.81 लाख का खर्च होगा।

11. सीएसएस एवं डी.जी. सेट (CSS & DG Set)

बैकअप पावर सप्लाई के लिए डी.जी. सेट लगाया जाएगा जिसकी लागत ₹45.34 लाख होगी।

वित्तीय योजना इस परियोजना की कुल लागत ₹4574.22 लाख है, जिस पर 18% जीएसटी (₹823.36 लाख), 3% आकस्मिक व्यय (₹137.23 लाख), और 2% परामर्श शुल्क (₹91.48 लाख) अतिरिक्त जोड़ा गया है। इस प्रकार, कुल व्यय ₹5626.29 लाख होगा।

मां चिंतपूर्णी देवी मंदिर की यह विकास योजना श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। इससे न केवल मंदिर परिसर की व्यवस्था में सुधार होगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को भी बढ़ावा मिलेगा। सरकार द्वारा उठाया गया यह कदम धार्मिक पर्यटन को भी प्रोत्साहित करेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिलेगा। इस परियोजना के पूरा होने से माँ चिंतपूर्णी देवी मंदिर को और अधिक भव्य और आधुनिक रूप में प्रस्तुत किया जा सकेगा।

यह परियोजना हिमाचल प्रदेश के पर्यटन विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी और इससे श्रद्धालुओं को सुविधाजनक और आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त होगा।

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